भीषण गर्मी में दामजीपुरा अंधेरे में डूबा: अघोषित बिजली कटौती से जनता त्रस्त, ग्रामीण बोले— “अब सड़क पर उतरेंगे”
दिनांक 23/05/2026
बैतूल | भीमपुर तहसील | दामजीपुरा क्षेत्र भीषण गर्मी के दौर में बैतूल जिले की भीमपुर तहसील अंतर्गत दामजीपुरा क्षेत्र के ग्रामीण इन दिनों बिजली विभाग की लापरवाही का भारी खामियाजा भुगत रहे हैं। क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालत यह है कि घंटों तक बिजली गायब रहती है, लेकिन विभाग की ओर से न कोई सूचना दी जाती है और न ही कोई तय समय बताया जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग पूरी तरह मनमानी पर उतर आया है। कभी “लाइन सुधार” तो कभी “पेड़ कटाई” के नाम पर घंटों सप्लाई बंद कर दी जाती है, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकाला गया। भीषण गर्मी में बिजली गुल होने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो रही है। लोग घरों से बाहर निकलकर बिजली आने का इंतजार करने को मजबूर हैं।
शादी-विवाह में भी अंधेरा, हो रहे कार्यक्रम
इस समय गांवों में शादी-विवाह का सीजन चल रहा है, लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही ने खुशियों पर भी ग्रहण लगा दिया है। कई गांवों में शादी समारोह के बीच अचानक बिजली गुल हो जाने से लोगों को अंधेरे में कार्यक्रम पूरे करने पड़े। ग्रामीणों का कहना है—
“न कोई समय तय, न कोई सूचना… जब मन करता है बिजली काट दी जाती है। आखिर जनता कब तक परेशान होती रहेगी?”
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठे सवाल
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भी भारी नाराजगी है कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन मौन बना हुआ है। क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी लोग हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। जनता का कहना है कि आदिवासी क्षेत्र होने के बावजूद दामजीपुरा की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
आगजनी की घटनाओं को लेकर भी चिंता
ग्रामीणों ने यह मांग भी उठाई है कि ट्राइबल क्षेत्र में बढ़ती आगजनी की घटनाओं को देखते हुए पंचायत स्तर पर फायर सेफ्टी और पानी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।
जनता की चेतावनी— “अब आर-पार की लड़ाई होगी”
क्षेत्रीय जनता ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, अघोषित कटौती बंद नहीं की गई और सप्लाई का निश्चित समय तय नहीं किया गया, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक दामजीपुरा क्षेत्र की जनता अंधेरे और परेशानी में जीने को मजबूर रहेगी? क्या बिजली विभाग और प्रशासन जनता की पीड़ा समझेगा या हमेशा की तरह इस बार भी शिकायतों को अनदेखा कर दिया जाएगा?






