लक्ष्य को पार कर 96 प्रतिशत से अधिक लंबित प्रकरणों का जिला न्यायालय ने किया निराकरण, डेब्ट स्कीम के तहत एक वर्ष में 100 लंबित प्रकरणों के निराकरण का है लक्ष्य
बैतूल (Betul) ।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेश कुमार प्राण ने समस्त न्यायाधीशों,
न्यायालय के कर्मचारी एवं अधिवक्ताओं को धन्यवाद दिया है कि जिनके सहयोग से बैतूल न्यायालय में लंबित प्रकरणों के निराकरण में निर्धारित लक्ष्य को पार कर 96.16 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण किया गया। उन्होंने बताया कि जिला न्यायालय बैतूल द्वारा 2940 सर्वाधिक पुराने प्रकरणों में से 2827 प्रकरणों के निराकरण में सफलता प्राप्त की गई है। डेब्ट स्कीम के तहत प्रत्येक न्यायाधीश के लिए त्रैमास में 25 लंबित प्रकरणों के मान से एक वर्ष में 100 प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्राणेश कुमार प्राण ने समस्त न्यायाधीशों,
न्यायालय के कर्मचारी एवं अधिवक्ताओं को धन्यवाद दिया है कि जिनके सहयोग से बैतूल न्यायालय में लंबित प्रकरणों के निराकरण में निर्धारित लक्ष्य को पार कर 96.16 प्रतिशत प्रकरणों का निराकरण किया गया। उन्होंने बताया कि जिला न्यायालय बैतूल द्वारा 2940 सर्वाधिक पुराने प्रकरणों में से 2827 प्रकरणों के निराकरण में सफलता प्राप्त की गई है। डेब्ट स्कीम के तहत प्रत्येक न्यायाधीश के लिए त्रैमास में 25 लंबित प्रकरणों के मान से एक वर्ष में 100 प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि माननीय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति द्वारा पुराने लंबित प्रकरणों के निराकरण के उद्देश्य से नूतन प्रक्रिया में 25 डेब्ट स्कीम के तहत प्रत्येक त्रैमास में प्रत्येक न्यायाधीश को 25 प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिन्हें तत्परता से निराकृत करने के आदेश प्रदान किए गए थे। आदेश के अनुपालन में जिला न्यायालय बैतूल द्वारा लगभग 96 प्रतिशत से अधिक लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया।
प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा समस्त न्यायाधीशगण,
अधिवक्तागण तथा कर्मचारीगण को इस सफलता को टीम वर्क निरूपित कर यह उम्मीद जताई गई कि भविष्य में भी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी लोग सहयोगात्मक रूख अपनाते हुए पक्षकारों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराकर न्याय पालिका में उनके विश्वास को अक्षुण रखेंगे।
अधिवक्तागण तथा कर्मचारीगण को इस सफलता को टीम वर्क निरूपित कर यह उम्मीद जताई गई कि भविष्य में भी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी लोग सहयोगात्मक रूख अपनाते हुए पक्षकारों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराकर न्याय पालिका में उनके विश्वास को अक्षुण रखेंगे।






