जनसहयोग से निर्मित और संचालित श्री महावीर हनुमान गौशाला के लिए आज विशिष्ट दिन रहा क्योंकि आज महान कथा वाचक और संत का आगमन गौशाला में हुआ।कथाचार्य अनंत श्री श्री विभूषित जगतगुरु रामानंदाचार्य कामदगिरि पीठाधीश्वर स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी महाराज चित्रकूट धाम आज गौशाला पधारे।
गौशाला के कार्यों को देखकर स्वामी जी प्रसन्न हुए और गौशाला के कार्यों की प्रशंसा की सर्वप्रथम गौशाला परिवार द्वारा महाराज जी का चरण पखार कर अभिनंदन किया।स्वयं महाराज जी ने गौशाला में गौपूजन किया गौमाता को गुण मिष्ठान खिलाया।
इस अवसर पर आशीर्वाद स्वरूप अपनी बात कहते हुए कहा कि एक मात्र गाय की सेवा करने से ही मन, वाणी, कर्म और शरीर की पवित्रता संभव है, और तो और गौ सेवा से व्यक्ति अपने सम्पूर्ण कुल की रक्षा कर सकता है, सम्पूर्ण सृष्टि की सुरक्षा केवल गौमाता की रक्षा से ही संभव है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपने समय एवं सामर्थ्य के अनुसार गाय की सेवा करनी चाहिए।
इस अवसर पर उन्होंने गौशाला को इक्कावन सौ रुपए की राशि भेंट की।यह क्षण गौशाला परिवार के लिए गौरव का क्षण था क्योंकि देश के इतने बड़े संत और जगत गुरु का गौशाला में आगमन हुआ और उनके द्वारा आशीर्वाद स्वरूप सहयोग राशि भेंट करना अद्वितीय था।जगतगुरु महाराज जी विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक है श्री राम मंदिर अयोध्या में मंदिर निर्माण के बाद पहली कथा इनके ही मुखार बिंद से प्रवाहित हुई थी।
उल्लेखनीय है कि ससाबड़ के प्रतिष्ठित पुंडे परिवार द्वारा रामकथा करवाई जा रही जिसके निमित्त महाराज जी का आगमन हुआ है और आज वे गौशाला पहुंचे।महाराज जी ने कहा कि गौशाला का कार्य उत्तम है निराश्रित बीमार और घायल गौवंश के आश्रय के रूप में ये गौशाला का कार्य श्रेष्ठतम है।उन्होंने सभी से आग्रह किया कि गौशाला में सभी सहयोग करे तन मन और धन से जिससे जो संभव हो सहयोग करे।गौ सेवा करके अपने जीवन को धन्य करे।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से सूर्यवंशी ढोलेवार कुंबी समाज के युवा प्रमुख अजय गंगारे,नरेंद्र आसोले सहित सुखदेव नारे समेत गौशाला परिवार के समस्त सदस्य उपस्थित थे।





