बैतूल| वृत्त बैतूल अन्तर्गत दक्षिण/पश्चिम बैतूल (सा.) वन मंडल के वन परिक्षेत्र ताप्ती, चिचोली, तावड़ी को शामिल कर म.प्र. शासन द्वारा प्रदेश का पहला ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व नोटिफाईड किया गया है। दक्षिण, पश्चिम बैतूल (सा.) वनमंडल राष्ट्रीय उद्यानों तथा अभयारण्यों के निकटस्थ होने और भूदृश्यों, वनस्पति, प्राणीजगत और उनके आवास की सुरक्षा, जीवनदायनी नदियों का संरक्षण करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए कंजर्वेशन रिजर्व के रूप में एक संरक्षित क्षेत्र को दूसरे के साथ जोड़ने का हिस्सा होने के कारण से बैतूल जिले के दक्षिण बैतूल एवं पश्चिम बैतूल वनमंडल के परिक्षेत्र ताप्ती, चिचोली, तावड़ी को शामिल कर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 (1972 का 53) यथा प्रयोजय की धारा 36 के द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग में लाते हुए राज्य सरकार द्वारा ताप्ती कन्जर्वेशन रिजर्व, बैतूल घोषित किया गया है। ताप्ती कन्जर्वेशन रिजर्व, बैतूल का कुल क्षेत्रफल 250 वर्ग कि.मी. है. जिसमें आरक्षित वन 224.844 वर्ग कि.मी. एवं संरक्षित वन 25.156 वर्ग कि.मी. सम्मिलित है। ताप्ती संरक्षण रिजर्व की आवश्यकता क्यों है? वन्यजीव गलियारे गठबंधन द्वारा 2023 के एक अध्ययन के अनुसार सतपुड़ा-मेलघाट गलियारा मध्य प्रदेश के सतपुड़ा बाघ अभयारण्य और महाराष्ट्र के मेलघाट बाघ अभयारण्य की मुख्य बाघ आबादी को जोड़ता है और साथ ही सतपुड़ा पेंच एवं मेलघाट-बोर गलियारों के साथ महत्त्वपूर्ण संबंध बनाता है। इस क्षेत्र की भौगोलिक संरचना अत्यधिक असमान है, जिसमें शुष्क पर्णपाती वन और कृषि भूमि फैली हई हैं। इस गलियारे के क्षेत्र में मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय (54 प्रतिशत) निवास करते हैं, जिनमें प्रमुख रूप से कोरकू और गोंड जनजातियां शामिल हैं। यह गलियारा वन्यजीवों के लिए एक उत्कृष्ट आवास प्रदान करता है, जिसमें बंगाल टाइगर, जंगली कुत्ता (ढोल), बायसन (जंगली भैसा), तेन्दुआ और संकटग्रस्त प्रजाति फारेस्ट ऊल्लू जैसी लुप्तप्राय प्रजातियां पाई जाती हैं। ताप्ती संरक्षण रिजर्व की भूमिका ताप्ती संरक्षण रिजर्व (TCR) इन महत्वपूर्ण गलियारों को सुरक्षित करने और वन्यजीवों की निर्वाध आवाजाही सुनिश्चित करने में सहायक होगा। यह बाघों और अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों की रक्षा करने, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने, नदियों का संरक्षण करने और स्थानीय समुदायों के सतत विकास में योगदान देने के लिए एक आवश्यक कदम है। प्रस्तावित ताप्ती संरक्षण रिजर्व (TCR) इस महत्वपूर्ण गलियारे पर स्थित है, जैसा कि अध्ययन में उल्लेख किया गया है। इसलिए, यह वन क्षेत्र सतपुड़ा द्वारा हिमालय और पश्चिमी घाट के बीच आने वाले आनुवंशिक मार्ग में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व बनने से स्थानीय लोगों को रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। साथ ही स्थानीय ग्रामीण समुदायों के सभी अधिकार जैसे जंगल से महुंआ बीनना, तेंदूपत्ता संग्रहण, जलाऊ लकड़ी उपयोग के लिए लाना, काष्ठ लाभांश सभी यथावत रहेंगे। ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व बनने से क्षेत्र में इको पर्यटन बड़ेगा और स्थानीय ग्रामीण समुदायों को रोजगार और विकास के लिए मौका मिलेगा। स्थानीय ग्रामीण समुदायों को टूरिस्ट गाइड, सफारी ड्राइवर, होम स्टे, आदिवासी पारंपरिक व्यंजनों और अपने आदिवासी संस्कृति को दिखाने का मौका मिलेगा। वन विभाग बैतूल की ओर से प्रदेश का पहला “ताप्ती कन्जर्वेशन रिजर्व बैतूल बनने पर हार्दिक शुभकामनाएं।





