बैतूल।( कौशल घोड़के )आठनेर थाना क्षेत्र में एक महिला और उसके परिवार पर जानलेवा हमला हुआ, लेकिन पुलिस ने गंभीर घटना के बावजूद सिर्फ मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया। पीड़िता ने पहले भी विवाद की जानकारी प्रशासन को दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के चलते आरोपी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देते रहे। हमले में महिला और उसके परिजनों को गंभीर चोटें आई हैं।
घटना आठनेर के वार्ड क्रमांक 11 की है, जहां रहने वाली महिला रेखा का मकान निर्माण कार्य पिछले 20 दिनों से चल रहा था। विगत शनिवार सुबह 11:30 बजे जब वह अपने निर्माणाधीन मकान के सामने दीवार से टिकाकर दरवाजा रख रहे थे, तभी पड़ोस में रहने वाली सुशिला बलवंडे आईं और दरवाजा हटाने को कहा। इसके बाद उन्होंने गाली-गलौज करते हुए दरवाजा गिरा दिया। जब पीड़िता के पुत्र ने इसका विरोध किया तो जगदीश पिता भेदीलाल बलवंडे और ललित पिता जगदीश बलवंडे वहां पहुंचे और उसे जमीन पर पटककर लात-घूंसे मारने लगे। इस दौरान आंख, हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आईं।
पीड़ित की मां रेखा बलवंडे और बहन वर्षा बलवंडे बीच-बचाव करने आईं तो आरोपियों ने उन्हें भी धक्का दे दिया, जिससे वे नीचे गिर गईं और उन्हें भी हाथ और कमर में चोटें आईं। झगड़े के दौरान मोहल्ले के उमेश बलवंडे, कपिल भरतपुरे और नरेश सोनारे ने पूरी घटना देखी और सुनी। जाते-जाते आरोपियों ने धमकी दी कि यदि फिर से गली में दरवाजा रखा तो जान से मार देंगे।
इस घटना से पहले भी पीड़िता रेखा बलवंडे ने प्रशासन को आवेदन देकर अपने मकान के नवीनीकरण और गली में दरवाजा रखने को लेकर सुरक्षा की मांग की थी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी और तहसीलदार को दिए गए ज्ञापन में उन्होंने स्पष्ट किया था कि 3 फीट की गली का आधा हिस्सा उनके मकान का है और वहां दरवाजा रखना उनका अधिकार है। बावजूद इसके, कोई प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं हुआ और न ही किसी अधिकारी ने मौके पर जाकर समस्या का समाधान किया।
हमले के बाद पीड़ित परिवार जब शिकायत करने थाने पहुंचा, तो पुलिस ने इस गंभीर मामले में सिर्फ मामूली धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। पहले से विवाद की जानकारी होने के बावजूद पुलिस और प्रशासन की अनदेखी से आरोपी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देते रहे। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है





