ADM NEWS BETUL। खाद्य प्रसंस्करण में सूक्ष्म उद्योगों को संरक्षण एवं संवर्धन दिए जाने और जन-जन तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सोमवार को कलेक्टर श्री अमनबीर सिंह बैंस द्वारा हरी झंडी दिखाकर प्रचार रथ रवाना किया गया। श्री बैंस ने बताया कि 18 से 22 सितंबर तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चलने वाले इस रथ के माध्यम से युवा शिक्षित, बेरोजगार एवं असंगठित सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां संचालित करने वाले व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रोत्साहित किया जाएगा।
कलेक्टर श्री बैंस ने बताया कि प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना पर 35 प्रतिशत अनुदान अथवा अधिकतम 10 लाख रूपए का प्रावधान रखा गया है। आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत पीएमएफएमई में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योगों के उन्नयन के लिए योजना लागू की गई है। इसके अंतर्गत ऐसे निजी एवं सूक्ष्म उद्यमी पात्र होंगे, जो 8वीं पास हो एवं उनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो। आवेदक के पास स्वयं का भू स्वामित्व का अधिकार होना चाहिए। एक परिवार से एक ही व्यक्ति इस योजना का लाभ ले सकेगा। प्रोपराईटर एवं पार्टनरशिप संस्थाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत सभी प्रकार की प्रसंस्करण इकाईयों पर अनुदान दिया जाएगा। फल उत्पादन के क्षेत्र में फलों से संबंधित उत्पादों में आम का अचार, अमचुर, ज्यूस, अमरूद, जैली, जेम, आंवला, नींबू का अचार, मार्मलैंड पाउडर आदि शामिल किए गए है। इसी प्रकार सब्जी उत्पादों में टमाटर केचअप, ड्राय टोमेटो, मिर्च सॉस, ड्राय चिली पाउडर, करेला ज्यूस, आलू चिप्स आदि उत्पाद शामिल किए गए है। इसके अलावा मसालों में हल्दी, धनिया, मिर्च पाउडर, अदरक, सोंठ, लहसून पेस्ट आदि शामिल किए गए है।
श्री बैंस ने बताया कि अनाज उत्पादों को भी इसमें शामिल किया गया है। आटा मिल, दाल मिल, आटा चक्की, पोहा मिल, पंच राईस मिल, गीला मसाला, गीली दालें पीसने वाली चक्कियां, धान मिल आदि शामिल की गई है। इसके अलावा अन्य खाद्य उत्पादों में पापड़, पास्ता, नमकीन, कुरकुरे, टेस्टी, ब्रेड, टोस्ट, साबुदाना उद्योग, बरी,गुड़, तेल, मिल्क, पेठा रजक, मिल्क प्लांट, पनीर, घी उद्योग, ऐलोवेरा प्लांट, मुनगा पत्ती पाउडर, पीपरमेंट आदि शामिल है।
आवेदकों के पास आधार कार्ड, पेन कार्ड, मार्कशीट, कोटेशन मशीनरी, इनकम टैक्स रिटर्न तीन साल का, यूनिट लोकेशन के दस्तावेज, बिजली का बिल, बैंक की पासबुक, यदि उद्योग पुराना हो तो तीन वर्ष की बैलेंससीट, उद्योग आधार का पंजीयन और प्रस्तावित यूनिट की जगह का फोटो तथा प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करनी होगी






