छिंदवाड़ा:- अमरवाड़ा में पत्रकारों पर कथित झूठे मामले, मीडिया जगत में आक्रोश
थाना प्रभारी बिना जांच बिना पत्रकारों को सूचना दिए बना देते हैं मामले
नगर पालिका की खबर छापने पर पत्रकार पर FIR, थाना प्रभारी के रवैये पर उठे सवाल
मीडिया संगठन मध्यप्रदेश द्वारा ऐसे झुठे प्रकरण दर्ज किए जाने के विरोध में एक बड़ा आंदोलन अमरवाड़ा मे
छिंदवाड़ा/अमरवाड़ा: जिले के अमरवाड़ा में पत्रकारों पर लगातार मामले दर्ज होने का आरोप लग रहा है, जिससे स्थानीय मीडिया कर्मियों में दहशत का माहौल है। पत्रकारों का कहना है कि सच्चाई लिखने पर भी उन पर कथित तौर पर झूठे प्रकरण बनाए जा रहे हैं।
क्या है मामला?
ताजा मामला जबलपुर एक्सप्रेस के संवाददाता मोहित साहू से जुड़ा है। आरोप है कि नगर पालिका में पानी की समस्या को लेकर खबर प्रकाशित करने के बाद नगर पालिका कर्मचारियों ने पदाधिकारियों के दबाव में आकर थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी ने पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
थाना प्रभारी पर आरोप
इस विषय पर चर्चा करने पर थाना प्रभारी का रवैया कथित तौर पर दबंगई भरा रहा। उनका कहना था कि पत्रकार के बुलाने पर थाना न आने के कारण मामला दर्ज किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रेस क्लब को सूचित कर कार्रवाई की गई है।
पत्रकारों का कहना है कि गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार किसी भी पत्रकार पर मामला दर्ज करने से पहले उच्च अधिकारियों से जांच कराना अनिवार्य है। थाना प्रभारी का कहना है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात कर ही मामला दर्ज किया है।
पत्रकार संगठनों में नाराजगी
इस घटना के बाद अमरवाड़ा सहित प्रदेश के पत्रकारों में रोष है। पत्रकार संगठनों का आरोप है कि जानबूझकर पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवाज नहीं उठाई गई तो पत्रकारिता पर खतरा बढ़ सकता है।
मीडिया संगठन मध्यप्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष गयाप्रसाद सोनी ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। संगठन जल्द ही इस मुद्दे पर रणनीति तय करेगा।





