बारिश के पूर्व जर्जर भवनों को चिन्हित कर करें जमींदोज
Betul News : कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि बारिश पूर्व जल स्त्रोतों के रख रखाव एवं साफ–सफाई की दृष्टि से 5 जून से 16 जून तक विश्व पर्यावरण दिवस से 12 दिवसीय नमामि गंगे अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में प्रतिदिन जिले भर में जल स्त्रोतों कुएं,
बावडिय़ों, तालाब, नदी,
नाले की साफ–सफाई एवं पर्यावरण संतुलन के लिए पौध रोपण के कार्यक्रम वृहद स्तर पर किए जा रहे है। कार्यक्रम की सफलता के लिए जरूरी है कि जिले के गणमान्य राजनीतिज्ञों,
बुद्धिजिवों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय कर इन कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित किया जाए।
बावडिय़ों, तालाब, नदी,
नाले की साफ–सफाई एवं पर्यावरण संतुलन के लिए पौध रोपण के कार्यक्रम वृहद स्तर पर किए जा रहे है। कार्यक्रम की सफलता के लिए जरूरी है कि जिले के गणमान्य राजनीतिज्ञों,
बुद्धिजिवों एवं संस्थाओं के साथ समन्वय कर इन कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित किया जाए।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने कहा कि बैतूल जिले में जर्जर भवनों को चिन्हित कर उन्हें गिराने की कार्रवाई प्रारंभ करें। अतिवर्षा एवं बाढ़ से होने वाली परेशानियों से निपटने के लिए कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने बारिश पूर्व तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टर विकास श्री अक्षत जैन,
एडीएम श्री राजीव नंदन श्रीवास्तव,
संयुक्त कलेक्टर श्री अनिल सोनी भी समीक्षा में उपस्थित थे।
एडीएम श्री राजीव नंदन श्रीवास्तव,
संयुक्त कलेक्टर श्री अनिल सोनी भी समीक्षा में उपस्थित थे।
अतिवृष्टि से निपटने के उपाय
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने कहा कि बरसात आने वाली है। अतिवृष्टि के कारण बाढ़ की भयावहता को रोकने के लिए जरूरी है कि शहर के नदी नालों एवं नहरों की साफ–सफाई कर लें। शहर के मध्य बहने वाले नदी–नालों से जलकुंभी एवं किनारों को दुरूस्त करवा ले। डूब के क्षेत्र की भूमि को अतिवर्षा से पहले ही मुक्त कराकर उन्हें यथोचित स्थान पर शिफ्ट करवा ले।
बाढ़ की स्थिति में नगर पालिका,
होमगार्ड के साथ समन्वय कर एसडीआरएफ की टीम को तैनात कर लें। पिछली बार की स्थिति को ध्यान में रखकर संभावित बाढग़्रस्त स्थानों को चिन्हित कर वहां आवश्यकतानुसार व्यवस्था कर लें। मोटर बोट,
लाईफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सामगी एवं टीम का चयन कर लें। बाढ़ पीड़ितों के लिए अस्थाई कैम्पों के लिए स्थान चिन्हित कर कैम्पों के लिए आवश्यकतानुसार बांस,
बल्ली, टीन की व्यवस्था कर लें।
होमगार्ड के साथ समन्वय कर एसडीआरएफ की टीम को तैनात कर लें। पिछली बार की स्थिति को ध्यान में रखकर संभावित बाढग़्रस्त स्थानों को चिन्हित कर वहां आवश्यकतानुसार व्यवस्था कर लें। मोटर बोट,
लाईफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सामगी एवं टीम का चयन कर लें। बाढ़ पीड़ितों के लिए अस्थाई कैम्पों के लिए स्थान चिन्हित कर कैम्पों के लिए आवश्यकतानुसार बांस,
बल्ली, टीन की व्यवस्था कर लें।
हीट वेब से बचाव एवं स्वास्थ्य संबंधी
ग्रीष्म काल में वर्षा काल के दौरान एवं बाढ़ में होने वाली बीमारियों एवं बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित कर ले। एम्बुलेंस,
स्ट्रेचर, डॉक्टर्स एवं पर्याप्त दवाइयों की व्यवस्था के साथ मेडिकल कैम्प के लिए स्थान चिन्हित कर ले। वर्षा काल के दौरान अथवा बाद में होने वाले संक्रमण को रोकने की रोकथाम के लिए संक्रमण के पूर्व और बाढ़ में भी निचली बस्ती क्षेत्र में दवाईयां आदि वितरित करवाएं। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम की स्थापना करें।
स्ट्रेचर, डॉक्टर्स एवं पर्याप्त दवाइयों की व्यवस्था के साथ मेडिकल कैम्प के लिए स्थान चिन्हित कर ले। वर्षा काल के दौरान अथवा बाद में होने वाले संक्रमण को रोकने की रोकथाम के लिए संक्रमण के पूर्व और बाढ़ में भी निचली बस्ती क्षेत्र में दवाईयां आदि वितरित करवाएं। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम की स्थापना करें।
बड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि हस्तांतरण
जिले में विकास कार्यों को सूचीबद्ध कर ऐसी बड़ी परियोजनाओं रेलवे,
बांधों, सडक़ अथव उद्योग लगाने जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए यदि वन भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता हो तो ऐसी परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव तैयार करें। शासकीय एवं अशासकीय भवनों में फायर ऑडिट की तैयारियों का प्रस्ताव रखे।
बांधों, सडक़ अथव उद्योग लगाने जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए यदि वन भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता हो तो ऐसी परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव तैयार करें। शासकीय एवं अशासकीय भवनों में फायर ऑडिट की तैयारियों का प्रस्ताव रखे।
जिले के विकास कार्यों के दृष्टिगत स्कूल,
कॉलेज चले अभियान के अंतर्गत छात्र–छात्राओं सहित ऐसे कार्य जो किन्ही कारणों से आगे पढ़ाई नहीं कर सके को स्कूल और कॉलेज चले अभियान से जोड़ा जाए। इसी के साथ किसान भाइयों को खाद एवं बीज के साथ बुआई की तैयारियों की जानकारी दे।
कॉलेज चले अभियान के अंतर्गत छात्र–छात्राओं सहित ऐसे कार्य जो किन्ही कारणों से आगे पढ़ाई नहीं कर सके को स्कूल और कॉलेज चले अभियान से जोड़ा जाए। इसी के साथ किसान भाइयों को खाद एवं बीज के साथ बुआई की तैयारियों की जानकारी दे।






