मुलताई पुलिस बलवाइयों को बचा रही, फरयादी पर भी प्रकरण बना दिया
मामला पंजे को वोट नही देने पर पिटाई का
रिपोर्ट – कौशल घोड़के
पुलिस अधीक्षक ध्यान दे
पुलिस का काम फरियादी को बचाना तथा आरोपी पर प्रकरण बनाना होता है लेकिन जब रक्षक की भक्षक बन जाते हैं तो इसका उल्टा होने लगता है पुलिस आरोपियों को बचाने लग जाती है तथा फरियादी को ही प्रताड़ित करने लगती है ऐसा ही एक मामला मुलताई का निलेश पिता इंदल राम फुलवार का प्रकाश में आया है जिसमें मुलताई के अति व्यस्तम इलाके फव्वारा चौक में दिनदहाड़े दोपहर 2:30 बजे 15 20 युवको ने दुकानों पर बैठे निलेश पिता इंदल राम फुलवार की इस बात को लेकर पिटाई कर दी कि उसने पंजे को वोट नहीं दिया जिसकी लिखित शिकायत पूर्व ब्लाक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष स्व इंदलराम फुलवार के पुत्र निलेश फुलवार ने मुलताई थाने में की तथा घायल होने के कारण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुआ निलेश फुलवार ने अपनी लिखित शिकायत में उल्लेख किया था कि 18 11 2023 को सुमित राजू शिवहरे कपिल खंडेलवाल आशीष रवि सोनी एवं अन्य 15 20 व्यक्ति मेरी फव्वारा चौक स्थित दुकान पर आए और कहां की तूने पंजे को वोट नहीं दिया है तथा फेसबुक पर उल्टा सीधा लिखता है इस बात को लेकर मेरे साथ मारपीट शुरू कर दी तथा गंदी-गंदी गालियां देकर जान से मारने की धमकी दी उक्त मामले में मुलताई पुलिस ने अनियमित्ता की सारी हदें पार करते हुए जहां पीड़ित व्यक्ति पर भी प्रकरण बना दिया वही प्रथम दृष्टि में ही आरोपियों को बचाने का प्रयास करते नजर आई पुलिस ने उक्त मामले में मात्र तीन व्यक्तियों को आरोपी बनाया है जिसमें सुमित शिवहरे कपिल खंडेलवाल तथा आशीष उर्फ विक्की सोनी पर धारा 294 323 506 34 के तहत प्रकरण बनाया है जबकि कानून के जानकारो के मुताबिक उक्त मामले में धारा 452 147 323 506 294 34 लगाना था और बाकी के 15-20 आरोपी मुलताई में सरे आम खुले घूम रहे हैं जो आने वाले समय में पुलिस के रवैया से हौसला लेकर बड़े बल्वे को अंजाम दे सकते हैं पुलिस नगर के अतिव्यस्तम इलाके फव्वारा चौक में बलवा करने वाले आरोपियों को क्यों बचाने का प्रयास कर रही है यह पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं आम जनता के लिए शोध का विषय हो सकता है पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच कर बलवा करने वाले सभी बलवाईयो पर प्रकरण दर्ज करना चाहिए जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावर्त्ति ना हो सके






