आमला- रंभाखेड़ी से लालावाड़ी को जोड़ने वाली सड़क, जिसकी क्षमता केवल 40 टन तक के वाहनों के लिए है, पर पिछले 3 महीनों से लगातार 40 टन से अधिक भार वाले ट्रक दौड़ रहे हैं। यह ट्रक रेलवे की तीसरी लाइन के निर्माण कार्य में लगे हुए हैं। इन भारी ट्रकों की आवाजाही से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस मामले में जब पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि वे इस मुद्दे को लेकर DRM ऑफिसर से लगातार चर्चा कर रहे हैं। हालांकि, DRM ऑफिसर का कहना है कि रेलवे का काम पूरा होने के बाद सड़क की मरम्मत कर दी जाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर चौकीदार ने सवाल उठाते हुए कहा, “जब तक यह काम पूरा होगा, तब तक जनता क्या करे? क्या खराब सड़क पर चलने की परेशानी झेले? जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए और सड़क को तत्काल प्रभाव से ठीक कराना चाहिए।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वहीं, बारिश के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। यह सड़क क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग है, जिसकी मरम्मत में देरी से जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है।
सुधीर चौकीदार ने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि इस मुद्दे का शीघ्र समाधान किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
जनहित में उठाया गया यह सवाल जल्द हल होगा या नहीं, यह तो समय ही बताएगा।
SDM का कहना है
मुझे इसकी अभी जानकारी मिली है में इसकी कार्यवाही के लिए PWD ऑफिसर से बात करता हु।





