बैतूल।(रिपोर्ट कौशल घोडके )बैतूल में गोवंश तस्करी की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश राष्ट्रीय हिन्दू सेना के कार्यकर्ताओं ने किया। रविवार रात करीब 2 बजे संगठन को सूचना मिली कि एक सफेद बोलेरो पिकअप वाहन (एमपी.30.जी.0970) में शाहपुर क्षेत्र के जंगल से गोवंश भरकर महाराष्ट्र के कत्लखाने ले जाया जा रहा है। यह सूचना मिलने पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने तुरंत बैतूल पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दी और एक योजना बनाकर गोवंश तस्करी को रोकने की रणनीति बनाई गई।
पिकअप वाहन में क्रूरता से भरी गईं थीं 11 नग गायें
संगठन के तहसील उपाध्यक्ष रूपेश साहू ने बताया कि सूचना के आधार पर संगठन और पुलिस ने बडोरा फोरलेन के पास घेराबंदी की और आठनेर होते हुए महाराष्ट्र जा रहे पिकअप वाहन को गिट्टी से भरे डंपर की मदद से रोका गया। जैसे ही संगठन के सदस्यों ने वाहन को रोका, तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी की चाबी लेकर भाग निकले। वाहन की जांच करने पर पता चला कि पिकअप के अंदर 11 नग गोवंश क्रूरता पूर्वक रस्सियों से बंधे हुए थे, जिनमें से 10 बड़ी गायें और 1 छोटा बछड़ा शामिल थे।
तिरपाल हटाकर गोवंश को दी गई ऑक्सीजन
विभाग अध्यक्ष दीपक कोसे ने बताया कि गोवंश को पिकअप में एक-दूसरे के ऊपर लादकर रखा गया था और चारों ओर से त्रिपाल से ढका हुआ था। जैसे ही संगठन के सदस्यों ने तिरपाल हटाई, गोवंश को ताजी हवा मिल पाई। इस दौरान, तीन गायों की दम घुटने से मौत हो चुकी थी। बची हुई गायों को बैतूल बाज़ार पुलिस के सहयोग से सुरक्षित पिकअप वाहन से उतारकर त्रिवेणी गोशाला पहुचाया गया।
गोवंश की मौत पर भावुक हुए संगठन के सदस्य
प्रखंड मंत्री अरविंद मासोदकर ने बताया कि तीन गायों की मौत ने संगठन के सदस्यों को गहरे दुख में डाल दिया। अरविंद धुर्वे के सहयोग से मृत गायों को जेसीबी मशीन की मदद से बडोरा में दफनाया गया। इस घटना के बाद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय ने गोवंश तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि गोवंश तस्करों के हौसले बुलंद हैं और लगातार गोवंश तस्करी की घटनाए सामने आ रही हैं।
महाराष्ट्र में गोमाता को राजमाता का दर्जा, फिर भी तस्करी जारी
दीपक मालवीय ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने गोमाता को राजमाता का दर्जा दिया है, इसके बावजूद तस्करी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी गो तस्करी में पकड़े गए वाहनों को राजसात करने का फैसला लिया गया है, लेकिन तस्करी का सिलसिला जारी है। संगठन के प्रदेश संयोजक पवन मालवीय ने बताया कि पुलिस के सहयोग से इस मामले में सफलता हासिल की गई है, और भविष्य में भी संगठन इसी तरह गोवंश की रक्षा के लिए सक्रिय रहेगा।
पुलिस और संगठन के संयुक्त प्रयास से मिली सफलता
इस कार्रवाई में पुलिस विभाग से एएसआई भरत नाथ, आरक्षक विशाल ठाकुर, और चालक अजय मुद्रेकर मौजूद थे। वहीं, संगठन के विभाग युवा अध्यक्ष मनीष मालवीय, ज़िला अध्यक्ष अनुज राठौर, ज़िला युवा सह संयोजक अमित यादव, नवीन पटेल, तहसील अध्यक्ष विक्रांत कनाठे, तहसील युवा अध्यक्ष संदीप मालवीय, तहसील उपाध्यक्ष राहुल यादव, तहसील मंत्री नरेंद्र धुर्वे और तहसील उपाध्यक्ष रामप्रसाद सावलकर भी इस ऑपरेशन में शामिल थे।





