रिपोर्टर कृष्णा
राव वागद्रे
बैतूल(Betul) ।
अपर कलेक्टर एवं
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी श्री जय प्रकाश सैय्याम ने बताया कि यातायात दुर्घटनाओं
एवं उससे होने वाली मानवीय क्षति को रोकने के लिए दो पहिया वाहन चालकों द्वारा
हेलमेट एवं चार पहिया वाहन चालकों के द्वारा सीट बेल्ट नहीं लगाए जाने वाले चालकों
के विरुद्ध 20 नवंबर से 10 जनवरी 2024 तक विशेष अभियान चलाया गया है। इस अनुक्रम
में उच्च न्यायालय जबलपुर में प्रस्तुत याचिका राज्य शासन द्वारा कार्य योजना
प्रस्तावित की गई है।
प्रस्तावित कार्य
योजना में सभी कार्यालय प्रमुख अनिवार्य रूप से अपने अधिनस्थ सभी शासकीय अधिकारी
एवं कर्मचारियों को आवागमन के दौरान सीट बेल्ट एवं हेलमेट पहनने के लिए निर्देशित
करेंगे। इसी प्रकार समस्त स्कूल में शिक्षक,
कर्मचारी, छात्र एवं छात्राएं जो दो पहिया वाहन से आते हो तो
हेलमेट और चार पहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
बिना हेलमेट/सीट
बेल्ट के नहीं दे पेट्रोल/डीजल
प्रस्तावित कार्य
योजना में पेट्रोल पंप एवं डीजल पंप मालिकों को हिदायत दी गई है कि बिना हेलमेट और
सीट बेल्ट लगे वाहन चालकों को पेट्रोल/डीजल वितरण नहीं किया जाएगा। नियंत्रण
अधिकारी पेट्रोल पंप पर फ्लेक्स एवं बैनर लगाकर हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने से
होने वाली नुकसान के बारे में सचेत करें।
नो हेलमेट नो
पार्किंग
जिला प्रशासन
द्वारा हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चालकों को ग्राम पंचायत, नगर पालिका या नगर पंचायत के कंटेंटमेंट बोर्ड के
माध्यम से दिए गए पार्किंग ठेकों पर हेलमेट अथवा सीट बेल्ट लगाए चालक को ही
पार्किंग की व्यवस्था मिल सकेगी।
ऑटोमोबाइल शोरूम
पर भी नियम
जिला प्रशासन
द्वारा ऑटोमोबाइल शॉप और शोरूम पर भी गाड़ी क्रय करने वाले ग्राहकों को हेलमेट/सीट
बेल्ट लगाने हेतु बाध्य किया जाकर शॉप पर बैनर और फ्लेक्स के माध्यम से हेलमेट और
सीट बेल्ट बांधने से होने वाले उपयोग का व्यापक प्रचार प्रचार किया जाए। विक्रय के
सभी सामान, सभी क्रेता हेलमेट धारण करने के बाद ही
शोरूम के बाहर निकले।
हाईवे पर करे
प्रचार
समस्त हाईवे पर
संचालित होटल एवं ढाबे मलिक फ्लेक्स एवं बैनर के माध्यम से हेलमेट धारण करने से
मिलने वाली सुरक्षा और नहीं लगने पर होने वाले नुकसान के बारे में शब्द एवं
चित्रों के माध्यम से लोगों को सचेत करें कि हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चालक के लिए
क्यों जरूरी है। हेलमेट नहीं पहनने वालों को ढाबे में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए।






