बैतूल।( कौशल घोड़के ) जिले में लगातार बारिश की वजह से फसलें पूरी तरह से तबाह है। इसके बावजूद प्रशासन राजस्व सर्वे करवाकर किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं दे रहा है। जबकि 28 सितंबर को समीक्षा क दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी कलेक्टर्स को फसल नुकसानी सर्वे कराने और उसमें जन प्रतिनिधियों को राजस्व अमले के साथ खेतों में ले जाने के आदेश दिए थे। इस स्थिति के बावजूद भी सर्वे न होने पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हेमंत वागद्रे का कहना है कि क्या बैतूल कलेक्टर को सीएम के आदेश की परवाह नहीं है या फिर भाजपा के सांसद और विधायक नहीं चाहते हैं कि जिले में सर्वे हो। उनका कहना है कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि केवल दिखावे की राजनीति करते हैं, उन्हें किसानों के दुख दर्द से कोई लेना देना नहीं है। यदि उनका कोई लेनादेना होता तो अब तक वे कलेक्टर पर दबाव बनाकर सीएम के आदेश अनुसार सर्वे शुरू करवा देते और किसानों को नुकसानी के अनुसार शासन से मुआवजा दिलवाते। उनका कहना है कि हाल ही में एसीएस की बैठक हुई थी। इस बैठक में भी यदि भाजपा के जनप्रतिनिधि सही तरीके से किसानों के नुकसान का मसला उठा सकते थे, लेकिन वहां पर भी उन्होंने इस मुद्दें पर कोई बात नहीं की। उनका कहना है कि भाजपा केवल और केवल वोट बैंक की राजनीति करती है और किसानों को वोट बैंक समझती है। यदि जल्द सर्वे नहीं हुआ तो कांग्रेस जिले भर में आंदोलन करेगी। साथ ही उन्होंने आगामी रबी सीजन में खाद बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग भी की है।





