बैतूल। (कौशल घोडके ) शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि पटवारी अपने मुख्यालय पर रहकर शासन की योजनाओं को अमल में लाएं और किसानों की समस्याओं का समाधान करें। लेकिन इन आदेशों की अनदेखी करते हुए कई पटवारी ग्रामीण किसानों से अभद्रता करते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही मामला आठनेर ब्लॉक के ग्राम कोयलारी में सामने आया है, जहां हल्का पटवारी मनोज सोलंकी पर किसान दिलीप उइके ने गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। किसान ने बताया कि वह 8 महीने से अपने पिता के नाम से किसान सम्मान निधि का लाभ दिलवाने का आवेदन कर रहे हैं, लेकिन पटवारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। पटवारी के रवैये से शासन की योजनाओं की सफलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शिकायत में दिलीप उइके ने बताया कि अपने पिता धनसिंग उइके के नाम से किसान सम्मान निधि का लाभ दिलवाने के लिए तीन माह पूर्व पटवारी को ऑनलाइन और लिखित आवेदन सौंपा था। 16 नवंबर 2024 को जब पटवारी मनोज सोलंकी ग्राम पंचायत कोयलारी पहुंचे, तो दिलीप उइके ने उनसे आवेदन की प्रगति के बारे में पूछा। आरोप है कि इस पर पटवारी आक्रोशित हो गए और दिलीप उइके को गंदी-गंदी गालियां देते हुए धक्का-मुक्की की। पंचायत भवन से बाहर निकालकर जान से मारने की धमकी दी।
दिलीप उइके ने बताया कि पटवारी ने कहा,मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मेरे रिश्तेदार बड़े-बड़े पदों पर हैं, और मेरी राजनीति में गहरी पकड़ है। पुलिस या कोई भी अधिकारी मेरा कुछ नहीं कर सकता। यह कहते हुए उन्होंने दिलीप को धमकाया। घटना के दौरान पंचायत भवन में दुर्गेश उइके, गोलू उइके, बाबूलाल सुजाने, लीलाधर, मिलाप और गणेश ने पूरी घटना देखी। शिकायतकर्ता ने बताया कि पटवारी की धमकी से उनकी जान को खतरा बना हुआ है। जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए दिलीप उइके ने प्रशासन से पटवारी मनोज सोलंकी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अधिकारियों के व्यवहार से आम जनता में भय और आक्रोश व्याप्त है।





