भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय वन मेले का आयोजन: जड़ी-बूटियों और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
भोपाल में बहुप्रतीक्षित अंतर्राष्ट्रीय वन मेला एक बार फिर शुरू हो गया है, जो विगत दस वर्षों से सुचारू रूप से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है। इस मेले में शुभांशु एग्रो हर्बल के संचालक बनबारी राठौर द्वारा जड़ी-बूटियों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। राठौर पिछले 30 वर्षों से जड़ी-बूटियों की खोज और मानव सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनकी प्रदर्शनी में जंगली लहसुन, जंगली अदरक और कई अन्य उपयोगी औषधीय कंद और पत्तियां उपलब्ध हैं, जो मानव जीवन के लिए अमृत के समान मानी जा रही हैं।
दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
मेले के अंतर्गत “लघु वनोपज से महिला सशक्तिकरण” पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन 19-20 दिसंबर को किया गया। इस कार्यशाला में श्रीलंका, नेपाल और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान महिला सशक्तिकरण के माध्यम से वन उत्पादों के आर्थिक महत्व और उनकी उपयोगिता पर गहन चर्चा की गई।
क्रेता-विक्रेता सम्मेलन और ओपीडी सेवाएं
मेले में 21 दिसंबर को क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें उच्च गुणवत्ता युक्त लघु वनोपज, जड़ी-बूटियां और आयुर्वेदिक औषधियों के क्रय-विक्रय के अनुबंध किए गए। इसके साथ ही, मेले में आयुर्वेदिक ओपीडी का भी संचालन किया गया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने नि:शुल्क परामर्श और उपचार प्रदान किया। आयोजन में लगभग 25,000 लोगों द्वारा उपचार कराने की संभावना व्यक्त की गई है।
इस मेले ने न केवल आयुर्वेद और औषधीय वनस्पतियों के महत्व को उजागर किया, बल्कि महिला सशक्तिकरण और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का भी एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।







