बैतूल।( कौशल घोडके ) वर्तमान समय मे अशासकीय स्कूल आर्थिक तंगी से जूझ रहे है। पालकों द्वारा समय पर फीस न जमा करने तथा शासन द्वारा भी समय पर फीस प्रतिपूर्ति न किये जाने के कारण स्कूल संचालक कर्ज के बोझ तले दबे गए है। स्कूलों की समस्याओं को देखते हुए शिक्षक प्रकोष्ठ भाजपा और अशासकीय विद्यालय वेलफेयर सोसाइटी के प्रतिनिधि मंडल ने केंद्रीय राज्यमंत्री डीडी उइके से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। संवेदनशील राज्यमंत्री ने तुरंत शिक्षा मंत्री कुंवर उदय प्रताप सिंह से दूरभाष पर चर्चा कर स्कूलों की समस्याओ से अवगत कराया। शिक्षा मंत्री ने जल्द ही फीस प्रतिपूर्ति करवाने का आश्वासन दिया। शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक अजय पवार ने बताया कि कोरोना काल से ही छोटे व मंझोले स्कूलों को पालकों द्वारा समय पर व सम्पूर्ण फीस नही दी जा रही है। साथ ही आरटीई की फीस प्रतिपूर्ति भी दो- दो साल तक नही मिलने के कारण कम वेतन में अच्छी शिक्षा देने वाले प्राइवेट शिक्षकों पर आर्थिक सकंट मंडरा रहा है तथा स्कूल संचालक भी कर्ज के बोझ तले दबे गया है। ऐसी स्थिति में यदि कहीं से भी आर्थिक मदद/फीस प्राप्त हो जाये तो उनके चूल्हे जल पाएंगे। प्राइवेट स्कूल संगठन के जिला अध्यक्ष गजेंद्र पवार ने बताया कि शिक्षकों व कर्मचारियों के वेतन देने में बहुत दिक्कत आ रही है। स्कूल वाहनों के रखरखाव डीज़ल अब वश में नही है। केंद्रीय मंत्री व शिक्षा मंत्री द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद एक आशा की किरण जगी है। संगठन के महेश पवार, योगेश्वर गायकवाड़, निर्गुण देशमुख , रघुनाथ लोखंडे, पूजा पवार, विशाल गुरव आदि ने मंत्री द्वय का आभार माना है।





