बैतूल। (कौशल घोडके ) ग्राम टिकारी, तहसील बैतूल की भूमि खसरा नंबर 1166/2 कुल रकबा 1.885 हेक्टेयर पर बन रही परियोजना विद्यासागर रेसिडेंसी.को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव (लेबर विंग) विनोद जगताप ने इस कॉलोनी को लेकर मप्र भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा, भोपाल में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस परियोजना का अभी तक रेरा में पंजीयन नहीं हुआ है, फिर भी कॉलोनी के भूखंडों की खुलेआम बुकिंग की जा रही है और प्रचार-प्रसार जारी है।
शिकायत के अनुसार, कॉलोनी की संप्रवर्तक फर्म कल्पतरु बिल्डर के भागीदार और भूमि स्वामी इन सभी ने रेरा अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन कर बिना पंजीयन भूखंडों की बुकिंग के लिए पोस्टर, ब्रोशर और ऑनलाइन माध्यमों से प्रचार शुरू कर दिया है। पोस्टर में 21 हजार रुपये की बुकिंग राशि और 11 माह की आसान किश्तों में भूखंड देने का दावा किया गया है। साथ ही कॉलोनी की सुविधाएं जैसे चौड़ी कांक्रीट सड़कें, अंडरग्राउंड ड्रेनेज, गार्डन, झूले, स्ट्रीट लाइट और कवर्ड कैंपस भी दर्शाए गए हैं। बुकिंग के लिए संपर्क नंबर तथा स्थान प्रताप वार्ड, बैतूल दिया गया है। यही नहीं, पोस्टर और ब्रोशर में रेरा का फर्जी अप्रूवल नंबर भी दिखाया गया है, जिससे आम लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।
– शपथ पत्र में झूठी और भ्रामक जानकारी
शिकायतकर्ता विनोद जगताप ने बताया कि रेरा की वेबसाइट पर जो शपथ पत्र 21 दिसंबर को अपलोड किया गया है, उसमें झूठी और भ्रामक जानकारी दी गई है। उस शपथ पत्र में उल्लेख किया गया है कि ब्रोशर अभी प्रिंटिंग में हैं, जबकि बैतूल क्षेत्र में इनका वितरण किया जा चुका है। यह रेरा अधिनियम की धारा 3(1) का खुला उल्लंघन है, जिसके अनुसार बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी भूखंड की बिक्री, प्रचार या बुकिंग नहीं की जा सकती।
जगताप ने यह भी आरोप लगाया कि संप्रवर्तकों ने जानबूझकर झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत किया, जो कि एक गंभीर अपराध है। उन्होंने रेरा अध्यक्ष से मांग की है कि दोषियों पर रेरा अधिनियम की धारा 59 के तहत परियोजना लागत का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाए, तथा फर्जी शपथ पत्र और बगैर पंजीयन प्रचार-प्रसार व बुकिंग करने के लिए आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
– बिक्री और प्रचार-प्रसार पर पूर्ण रोक लगाई जाए
साथ ही यह भी मांग की गई है कि जब तक पंजीयन नहीं होता, तब तक बुकिंग, बिक्री और प्रचार-प्रसार पर पूर्ण रोक लगाई जाए तथा बैतूल जिले में सार्वजनिक सूचना जारी कर बताया जाए कि किन तारीखों को किस-किस भूखंड की बुकिंग की गई और किससे कितना पैसा लिया गया।
विनोद जगताप ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक सूचना प्रकाशन का व्यय वह स्वयं देने को तैयार हैं। यदि रेरा प्राधिकरण इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं कराता, तो वे संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध फौजदारी कानून के तहत कार्रवाई करने को बाध्य होंगे।





