अस्पताल में आने वाले मरीजों ने प्रभारी डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप, एस डी एम ने कही जांच कर कारवाही करने की बात
पीथमपुर : औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। केंद्र में तीन महिला रोग विशेषज्ञ नियुक्त हैं जिसमें डॉ विनीता अग्रवाल, डॉ अजीता मिश्रा, डॉ मनीषा पटेल शामिल है। लेकिन प्रभारी डॉक्टर ऋतु चौरे की व्यवस्था के कारण सुबह की शिफ्ट में एक भी महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं रहती हैं।
सुबह के समय अस्पताल में सबसे अधिक मरीज आते हैं जिसमें अधिकतर गर्भवती महिलाएं होती है। लेकिन एक ही डॉक्टर होने से मरीजों को अस्पताल के फर्श पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। किसी भी महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर की ड्यूटी शाम या रात में लगाई जाती है, जब मरीजों की संख्या बहुत कम होती है।
डॉक्टर चौरे के व्यवहार से स्टाफ और मरीज दोनों असंतुष्ट हैं। मरीजों का आरोप है कि वे भेदभाव करती हैं, एमएलसी और पोस्टमार्टम जैसे आवश्यक कार्य भी नहीं करतीं। वही डॉ ऋतु चौरे केवल एमबीबीएस डॉक्टर ही है कोई महिला रोग विशेषज्ञ नहीं उसके बाद भी यह गर्भवती महिलाओं का इलाज करती है। एक मामले में उन्होंने अन्य डॉक्टर से जांच करवाने वाले मरीज का इलाज करने से मना कर दिया। प्रशासनिक व्यवस्थाओं को देखा जाए तो 3 वर्ष में डॉक्टरों का तबलदला हो जाना चाहिए लेकिन डॉ चौरे पिछले 5 वर्षों से इस अस्पताल में काबिज है। वही लोगों ने बताया कि सरकारी डॉक्टर प्राइवेट अस्पताल की जांच और दवाइयां भी लिख रहे जो हजारों रुपए की आती है। गरीब मरीज 3 से 4 हजार की दवाई आखिर कैसे खरीदे बीएमओ ने आदेश जारी किया है कि कोई भी डॉक्टर बाहरी जांच या दवाइयां नहीं लिखेगा लेकिन डॉ चौरे के लिए वह आदेश केवल एक कागज का टुकड़ा मात्र नजर आता है।।
पहले भी डॉक्टर चौरे पर कई जांच हो चुकी हैं और एक बार उन्हें निलंबित भी किया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह व्यवहार कमीशनखोरी की ओर इशारा करता है। वही अब डॉ ऋतु चौरे को लेकर स्थानीय लोगों ने कलेक्टर के समक्ष पूरे सबूतों के साथ पेश होकर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार करने की मांग की है।। लोगो का साफ कहना है कि किसी के निजी स्वार्थ के क्षेत्र की जनता और अपस्ताल में आने वाले मरीजों के साथ अब अन्याय नहीं होने देंगे श्रमिक अपनी मजदूरी छोड़ कर इलाज करवाने आता है लेकिन उसे यह भी सही इलाज न मिल पापा दुर्भाग्य पूर्ण है। वही लोगों ने नाम न बताने की बात पर बताया कि डॉक्टर की मनमानी के चलते पूर्व में एक डॉक्टर जिसने अस्पताल को व्यवस्थाओं में सुधार लाया था लेकिन परेशान होकर उन्हें की अपनी नौकरी से इस्तीफा देना पड़ गया।।
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर जोगेंद्र डावर ने कहा कि वे स्थिति की समीक्षा कर व्यवस्था में सुधार करेंगे। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती का आश्वासन दिया है।
वही एसडीएम राहुल गुप्ता ने अस्पताल चल रही धांधलियों के विषय में कहां की लोगों की शिकायतें मिल रही है पूर्व में निरीक्षण भी किया गया रेडियोलॉजिस्ट का की पद खाली था उसकी नियुक्ति की जा चुकी है, वही प्रभारी डॉक्टर पर जो आरोप लगाए जा रहे है उसकी उचित जांच कर दोषी पाए जाने पर कारवाही करेंगे।।
अब देखना होगा कि खबर और शिकायतों के बाद अस्पताल को व्यवस्थाओं में सुधार आता है या फिर अब भी मामला केवल जांच तक आ कर रुक जाएगा।।





