Betul Public Hearing : कलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने जनसुनवाई में स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों से जुड़े मामलों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा में समस्याओं के समाधान के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि अनावश्यक देरी या प्रभाव का उपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर ने आम नागरिकों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं। इस दौरान कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों के लिए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा निर्धारित कर समाधान के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में कुल 83 आवेदन प्राप्त हुए।
मनसा बाई के खेत का होगा पुनः सीमांकन
भीमपुर निवासी मनसा बाई ने शिकायत की कि उनकी खड़ी फसल को दूसरे व्यक्ति द्वारा काट लिया गया है। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार भीमपुर को मामले की जांच कर कृषि भूमि का पुनः सीमांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि फसल काटने की पुष्टि होती है तो दोषियों पर कार्रवाई कर पीड़ित को राहत प्रदान की जाएगी।
अवैध निर्माण और कब्जों पर सख्ती
मुलताई निवासी नितिन सतापे की शिकायत पर कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदार को अवैध निर्माण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं ग्राम सल्लेया और जमन्या से आए अवैध कब्जे और रास्ता विवाद के मामलों में भी संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए गए।
राजस्व रिकॉर्ड अपडेट न करने पर कार्रवाई
आमला निवासी लक्ष्मण श्यामलाल के आवेदन पर कलेक्टर ने राजस्व रिकॉर्ड अद्यतन करने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले तहसीलदार रीडर के खिलाफ एक वेतन वृद्धि रोकने का नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
अभिलेख दुरुस्ती में लापरवाही पर पटवारी निलंबित
चिचोली निवासी गोरेलाल ऊईके की शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित पटवारी को निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही आवेदक की समस्या का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।
अन्य समस्याओं के समाधान के निर्देश
जनसुनवाई में बीपीएल कार्ड, रोजगार, और रास्ता विवाद जैसे मामलों में भी अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। दिव्यांग आवेदक को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एलडीएम को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
कलेक्टर सूर्यवंशी की जनसुनवाई में सख्ती साफ नजर आई, जहां लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई और आमजन की समस्याओं के शीघ्र समाधान पर विशेष जोर दिया गया। यह पहल प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





