Saturday, August 15, 2026
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गले में तख्ती लटकाकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

पीएम नरेंद्र मोदी जी, सुनहरा अवसर..बाबा साहब का अधूरा मिशन पूरा करें गले में तख्ती लटकाकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन चंद्रशेखर पंडोले का ओबीसी जातीय जनगणना के लिए अनोखा आंदोलन

बैतूल।( रिपोर्ट कौशल घोडके ) आमला के समाजसेवी चंद्रशेखर पंडोले ने एक बार फिर ओबीसी की पृथक जातीय जनगणना कराने की मांग को लेकर अनूठा प्रदर्शन शुरू किया है। मंगलवार 1 अक्टूबर को पंडोले ने गले में तख्ती लटकाकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उनकी तख्ती पर बड़े अक्षरों में लिखा था, “पीएम नरेंद्र मोदी जी, सुनहरा अवसर, ओबीसी की पृथक जातीय जनगणना कर बाबा साहब का अधूरा मिशन पूरा करें। जो लोग ओबीसी की जातीय जनगणना का विरोध करते हैं, वे डॉक्टर अंबेडकर से अधिक ज्ञानी और देशभक्त नहीं हैं।”

चंद्रशेखर पंडोले के इस अनोखे प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शन पंडोले का कोई पहला विरोध नहीं है। इससे पहले भी वे खर्चीले चुनावों के विरोध में अर्धनग्न होकर दिल्ली तक जाकर प्रदर्शन कर चुके हैं। पंडोले ने अपने ज्ञापन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद से किसी भी सरकार ने ओबीसी की पृथक जातीय जनगणना नहीं कराई है, जिससे भारतीय लोकतंत्र अधूरा है।

प्रधानमंत्री से बाबा साहब का अधूरा मिशन पूरा करने की मांग

पंडोले ने अपने ज्ञापन में बताया कि डॉ. बाबा साहब अंबेडकर ने 27 सितंबर 1951 को पंडित नेहरू के मंत्रिमंडल से ओबीसी की जातीय जनगणना की मांग की थी। इस मांग को पूरा न होते देख, उन्होंने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। पंडोले ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को पूर्णता दिलाने के लिए ओबीसी की पृथक जातीय जनगणना बेहद जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि 26 नवंबर 2024 को संविधान दिवस के अवसर पर वे दिल्ली में संसद भवन के सामने बाबा साहब की प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर इच्छा-मृत्यु की मांग करेंगे यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं।

ओबीसी की पृथक जातीय जनगणना न होना बड़ा अन्याय

पंडोले ने बताया कि स्वतंत्र भारत में ओबीसी की जातीय जनगणना नहीं होना एक बड़ा षड्यंत्र और अन्याय है। उन्होंने कहा कि डॉ. बाबा साहब अंबेडकर ने हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने के लिए संविधान में प्रावधान किए थे, लेकिन ओबीसी की जातीय जनगणना न होने से यह अधिकार अधूरे रह गए हैं। पंडोले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि उनके पास ओबीसी की पृथक जातीय जनगणना कराकर बाबा साहब का अधूरा मिशन पूरा करने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने मोदी से अपील की कि वे इस मौके से न चूकें और ओबीसी वर्ग के हक को सुनिश्चित करें।

पहले भी कर चुके हैं अनूठे प्रदर्शन

चंद्रशेखर पंडोले पहले भी अपने अनूठे प्रदर्शनों के लिए जाने जाते रहे हैं। खर्चीले चुनावों के विरोध में उन्होंने अर्धनग्न होकर दिल्ली तक पैदल यात्रा की थी। उनके इस नए प्रदर्शन ने भी लोगों का ध्यान खींचा है, और वे ओबीसी जातीय जनगणना की मांग को लेकर लगातार संघर्षरत हैं।

 

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