बेतूल : जिले के बोरीखुर्द निवासी घनश्याम पंडाग्रे द्वारा मानसिक प्रताड़ना के चलते आत्महत्या की कोशिश करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घनश्याम पंडाग्रे ने आरोप लगाया है कि राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने उनसे ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी, जिससे मानसिक तनाव में आकर उन्होंने यह कदम उठाया। इस घटना से पूरे अमला क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष शैलेश वायकर जिला अस्पताल पहुंचे और घनश्याम पंडाग्रे से मुलाकात की। शैलेश वायकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घनश्याम को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही वे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी से मुलाकात कर इस मामले की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे।
*प्रशासन की कार्यवाही पर सवाल*
इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या दोषी अधिकारियों पर उचित कार्रवाई होगी, या यह मामला भी अन्य भ्रष्टाचार के मामलों की तरह दबा दिया जाएगा? यह देखना बाकी है कि प्रशासन इस मामले में कितना प्रभावी कदम उठाता है।
घनश्याम पंडाग्रे की आत्महत्या की कोशिश के पीछे कौन-कौन शामिल है, इसका खुलासा करना प्रशासन के लिए अब प्राथमिकता बन चुका है। घटना के बाद स्थानीय जनता में गुस्सा बढ़ता जा रहा है, और न्याय की मांग को लेकर विरोध के सुर तेज हो रहे हैं।
आगे की जांच पर टिकीं उम्मीदें
यह मामला न्याय और पारदर्शिता की परीक्षा है। घनश्याम पंडाग्रे को न्याय दिलाने के लिए अब आम आदमी पार्टी और स्थानीय लोग प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि क्या घनश्याम को न्याय मिलेगा या मामला भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा।





