छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश। पत्रकारों पर दर्ज किए जा रहे मामलों और उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर मीडिया संगठन मध्यप्रदेश ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन के कानूनी सलाहकार प्रकाश उईके ने प्रदेश अध्यक्ष गयाप्रसाद सोनी, छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष तथा पांढुर्णा जिला अध्यक्ष के साथ आयोजित बैठक में पत्रकारों के विरुद्ध हो रही कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में कहा गया कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। पत्रकार समाज और शासन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करते हैं तथा जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का दायित्व निभाते हैं। ऐसे में पत्रकारों पर अनावश्यक और दबावपूर्ण कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
कानूनी सलाहकार प्रकाश उईके ने कहा कि पुलिस प्रशासन को किसी भी प्रकार की कार्रवाई करते समय गृह मंत्रालय तथा न्यायालयों द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त तथ्यों और निष्पक्ष जांच के पत्रकारों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करना उचित नहीं माना जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में सत्ता के दबाव में लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि कोई पत्रकार अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए जनहित के मुद्दे उठाता है, तो उसे प्रताड़ित करने के बजाय उसकी बात को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष गयाप्रसाद सोनी ने कहा कि मीडिया संगठन मध्यप्रदेश हमेशा पत्रकारों के अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के लिए संघर्ष करता रहा है। संगठन किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय होने की स्थिति में उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने पत्रकारों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन कानूनी एवं लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पत्रकारों के हितों की रक्षा और निष्पक्ष पत्रकारिता को सुरक्षित बनाए रखने के लिए संगठन आगामी समय में आवश्यक कदम उठाएगा तथा संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात प्रभावी ढंग से रखेगा।
— राकेश चांदवंशी
जिला मीडिया प्रभारी, मीडिया संगठन मध्यप्रदेश





