Saturday, August 15, 2026
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शाहपुर थाने में एफआईआर, लेकिन कार्रवाई नहीं, जनसुनवाई में पहुंची पीड़िता

आरोप- राजनीतिक दबाव में दब गई एफआईआर! आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, धाराएं बदली जा रही हैं!

बैतूल।( कौशल घोड़के )शाहपुर में एक महिला ने एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने और राजनीतिक दबाव में केस को दबाने का आरोप लगाया है। आवेदिका प्रियंका दुर्गेश गुप्ता ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से न्याय की मांग की है। उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर 2024 को शाहपुर थाने में शक्ति गुप्ता, नीतू गुप्ता, जाह्नवी गुप्ता और अंजेय गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 323, 458, 506 और 24 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की, और वे खुलेआम नगर में घूम रहे हैं।

प्रियंका दुर्गेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों के राजनीतिक संबंध होने के कारण पुलिस ने इस केस को दबा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें कोई न्याय नहीं मिल रहा, जबकि आरोपियों को प्रशासन से पल-पल की खबर दी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर आरोपियों द्वारा एफआईआर की धारा 458 को 457 में बदला जा रहा है। उनके अनुसार, धारा 458 में गिरफ्तारी अनिवार्य होती है, जबकि धारा 457 में ऐसा नहीं होता।

प्रियंका दुर्गेश गुप्ता ने एफआईआर से छेड़छाड़ और हमले के मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि जिस तरह से आरोपियों द्वारा धाराओं में हेरफेर किया जा रहा है, उन्हें अपनी जान का खतरा भी महसूस हो रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपियों द्वारा उनके खिलाफ प्राणघातक हमला किया जा सकता है या किसी अप्रिय घटना को अंजाम दिया जा सकता है। ऐसी स्थिति में उन्होंने सुरक्षा की मांग की

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