बैतूल।( कौशल घोड़के ) जिले में अजा वर्ग के अधिकारियों की लापरवाही को लेकर शिक्षक सोहनलाल राठौर ने शिकायत पर जांच और कार्रवाई की मांग की है, लेकिन संबंधित अधिकारी अब तक कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। शिक्षक सोहनलाल राठौर ने आरोप लगाया है कि उनकी शिकायतों और पत्रों का जवाब न मिलने के कारण उनके प्रकरण का निराकरण अब तक लंबित है। इसके अतिरिक्त, जीपीएफ की राशि सही खाता क्रमांक 30872795488 में डालने के बजाय गलत खाता क्रमांक **844 में डाल दी गई, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सोहनलाल राठौर, डी के शर्मा विकास शिक्षा अधिकारी चिचोली और प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए निलंबन की मांग कर रहे हैं। मामला 07 मई 2014 से संबंधित है, जब सोहनलाल राठौर ने अपनी पत्नी सुनीता राठौर के ऑपरेशन के लिए जीपीएफ से 50 हजार रुपये निकालने का आवेदन विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय चिचोली में जमा किया था। बावजूद इसके, भुगतान में देरी की गई और अजा वर्ग के अधिकारी जवाब देने से बचते रहे।
राठौर ने बताया कि कलेक्टर आदिम जाति कल्याण विभाग बैतूल और प्राचार्य शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिचोली को भी इस मामले में पत्राचार किया गया था। इसके बाद, सहायक आयुक्त बैतूल द्वारा 27 जून 2014 को स्वीकृति पत्र जारी किया गया, लेकिन दो महीने बाद जाकर भुगतान हुआ। इस देरी को लेकर राठौर ने कई शिकायतें वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी थीं, परंतु कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
अब, उन्होंने 20 जून 2015 को पुनः जीपीएफ से 50 हजार रुपये निकालने के लिए आवेदन किया, परंतु एक बार फिर से विकास खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर और प्राचार्य चिचोली के बीच पत्राचार की प्रक्रिया में पासबुक रोक दी गई। पासबुक रोकने के पीछे अधिकारियों की अनदेखी और अवरोध उत्पन्न करने की मंशा बताई जा रही है। राठौर ने बताया कि उनके पास एक पत्र है, जो 27 जून 2015 को विकास खंड शिक्षा अधिकारी शाहपुर को लिखा गया था, जिसमें पासबुक से संबंधित जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद, अजा वर्ग के अधिकारी लगातार अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में तत्काल प्रभाव से ठोस कार्रवाई की मांग की है ताकि शिक्षकों को हो रही असुविधा और मानसिक कष्ट का समाधान हो सके।





