Saturday, August 15, 2026
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नेशनल लोक अदालत में विद्युत प्रकरणों में छूट

नेशनल लोक अदालत में विद्युत प्रकरणों में छूट

बैतूल | राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार 14 दिसंबर को आयोजित नेशनल लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन प्रकरणों के अंतर्गत विद्युत विभागों के प्रीलिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण के लिए शासन द्वारा छूट दी जाएगी। विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण पर निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलु, समस्त कृषि, 5 किलोवाट भार तक के गैर घरेलू 10 अश्वशक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट दी जा रही है। प्रीलिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट की जाएगी। लिटिगेशन स्पर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चकवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट की जावेगी।

आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष देय आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता की विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरुद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई विधिक संयोजन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक द्वारा विधिक संयोजन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित संयोजनों के विरुद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनाधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी, अनाधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत, अदालतों में छूट प्राप्त किए उपभोक्ता, उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य विद्युत देयकों के विरुद्ध बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जावेगी। 14 दिसंबर 2024 को आयोजित होने वाली लोक अदालत में उपरोक्तानुसार दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्व राशि रु 50 हजार तक के प्रकरणों के लिये सीमित रहेगी। उक्त छूट नेशनल लोक अदालत में समझौता करने के लिए ही लागू रहेगी। अपराध शमन फीस अधिनियम के प्रावधान अनुसार वसूल की जाएगी।

alkesh dhurve
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नमस्कार, मैं अलकेश धुर्वे हूं। वर्तमान में एमपी दर्पण न्यूज, CEO एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। मेरे पास पत्रकारिता का 3 वर्षों का अनुभव है, और मैंने अपने करियर में हमेशा सत्य और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी है।इसके अलावा, मै MP NEWS टीवी चैनल के जिला ब्यूरो चीफ, और शब्द पावर समाचार पत्र ,मीडिया हाउस के साथ भी जुड़ा रहा हूं। मैंने राजनीतिक, सामाजिक, और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर गहराई से काम किया है।हाल ही में मुझे मध्यप्रदेश गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया है, जो मेरे लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। यह सम्मान मेरे और मेरी टीम के निरंतर प्रयासों की पहचान है। मेरा उद्देश्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता को बढ़ावा देना है।
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